Prostate Cancer In Hindi: जाने जागरूकता और बचाव के तरीके

Last updated on March 21st, 2024 at 10:42 am

Prostate Cancer पुरुषों को प्रभावित करने वाला एक आम कैंसर है। यह प्रोस्टेट ग्रंथि में उत्पन्न होता है, जो अखरोट के आकार का एक ग्रंथि है और मूत्राशय के नीचे तथा मलाशय के सामने स्थित होता है। यह ग्रंथि पुरुषों के वीर्य द्रव के निर्माण में सहायक होती है।

पुरुषों के स्वास्थ्य के लिए जागरूकता जरूरी है, खासकर प्रोस्टेट कैंसर के मामले में। इस लेख में, हम प्रोस्टेट कैंसर के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे, जिसमें इसके लक्षण, कारण, निदान, उपचार और बचाव के तरीके शामिल हैं।

Prostate Cancer क्या है?

प्रोस्टेट कैंसर तब होता है जब प्रोस्टेट ग्रंथि में कोशिकाएं असामान्य रूप से विभाजित होने लगती हैं और अनियंत्रित वृद्धि करती हैं। ये असामान्य कोशिकाएं स्वस्थ कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं और ट्यूमर का निर्माण करती हैं। प्रारंभिक अवस्था में प्रोस्टेट कैंसर के कोई लक्षण नहीं होते हैं। लेकिन जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है, लक्षण प्रकट होने लगते हैं।

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण

प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती चरणों में कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं। लेकिन, जैसे-जैसे कैंसर का विकास होता है, ये लक्षण सामने आ सकते हैं:

  • पेशाब करने में कठिनाई होना
  • बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में
  • पेशाब के प्रवाह में कमजोरी या रुकावट
  • पेशाब करते समय दर्द या जलन महसूस होना
  • स्खलन के दौरान दर्द होना
  • पेशाब या वीर्य में खून आना
  • हड्डियों में दर्द, खासकर पीठ, कूल्हों या जांघों में
  • कमजोरी या थकान
  • भूख कम लगना
  • अचानक वजन घटना

प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम कारक

कई कारक प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • उम्र: उम्र बढ़ने के साथ-साथ प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ता जाता है। 65 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में यह सबसे आम है।
  • पारिवारिक इतिहास: यदि आपके पिता, भाई या बेटे को प्रोस्टेट कैंसर हुआ है, तो आपको भी इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
  • जाति: अश्वेत पुरुषों में श्वेत पुरुषों की तुलना में प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना अधिक होती है।
  • वंश: कुछ वंशों, जैसे कि अशकेनाज़ी यहूदी, में प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा अधिक होता है।
  • आहार: लाल मांस और प्रसंस्कृत मांस से भरपूर आहार प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।
  • मोटापा: मोटापा से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
  • धूम्रपान: धूम्रपान से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

प्रोस्टेट कैंसर का निदान

प्रोस्टेट कैंसर का निदान निम्नलिखित परीक्षणों के माध्यम से किया जा सकता है:

1. डिजिटल रेक्टल परीक्षा (DRE): इस परीक्षा में डॉक्टर आपकी मलाशय में उंगली डालकर प्रोस्टेट ग्रंथि की जांच करते हैं। वे ग्रंथि के आकार, बनावट और कठोरता को महसूस करते हैं। यह परीक्षा कैंसर के शुरुआती चरणों का पता लगाने में मदद कर सकती है।

2. प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन (PSA) टेस्ट: यह टेस्ट रक्त में PSA के स्तर को मापता है, जो एक प्रोटीन है जो प्रोस्टेट ग्रंथि द्वारा बनाया जाता है। PSA का स्तर कैंसर होने पर बढ़ सकता है, लेकिन यह अन्य स्थितियों में भी बढ़ सकता है, जैसे कि प्रोस्टेटाइटिस या BPH (benign prostatic hyperplasia)।

3. प्रोस्टेट बायोप्सी: यदि DRE या PSA टेस्ट में कोई असामान्यता पाई जाती है, तो डॉक्टर प्रोस्टेट बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं। इस प्रक्रिया में, सुई के माध्यम से प्रोस्टेट ग्रंथि से ऊतक के नमूने लिए जाते हैं। इन नमूनों का प्रयोग कैंसर की उपस्थिति और प्रकार का पता लगाने के लिए किया जाता है।

4. अन्य परीक्षण:

  • अल्ट्रासाउंड: यह परीक्षा प्रोस्टेट ग्रंथि की छवियों को बनाने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग करती है।
  • एमआरआई: यह परीक्षा प्रोस्टेट ग्रंथि और आसपास के ऊतकों की विस्तृत छवियों को बनाने के लिए चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग करती है।
  • सीटी स्कैन: यह परीक्षा प्रोस्टेट ग्रंथि और शरीर के अन्य भागों की छवियों को बनाने के लिए एक्स-रे का उपयोग करती है।

निदान के बाद:

यदि आपको प्रोस्टेट कैंसर का पता चलता है, तो डॉक्टर आपके साथ मिलकर आपके लिए सबसे उपयुक्त उपचार योजना का चयन करेंगे। उपचार के विकल्पों में सर्जरी, विकिरण चिकित्सा, हार्मोन चिकित्सा, कीमोथेरेपी और सक्रिय निगरानी शामिल हैं।

प्रोस्टेट कैंसर की रोकथाम:

प्रोस्टेट कैंसर को रोकने का कोई निश्चित तरीका नहीं है, लेकिन आप कुछ चीजें कर सकते हैं जो आपके जोखिम को कम करने में मदद कर सकती हैं:

  • स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: स्वस्थ आहार खाएं, नियमित व्यायाम करें, और अपना वजन नियंत्रित रखें।
  • धूम्रपान न करें: धूम्रपान प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।
  • नियमित रूप से जांच करवाएं: 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों को नियमित रूप से PSA टेस्ट और DRE करवाना चाहिए।

प्रोस्टेट कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाना और नियमित रूप से जांच करवाना इस बीमारी का जल्द पता लगाने और सफल उपचार के लिए महत्वपूर्ण है।

यह भी ध्यान रखें कि यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी तरह से चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। यदि आपको प्रोस्टेट कैंसर के बारे में कोई चिंता है, तो कृपया अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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