बिहार की राजनीति: कांग्रेस में नेता पुत्रों और बाहरी उम्मीदवारों को टिकट मिलने से मचा बवाल

बिहार की राजनीति में लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनज़र कांग्रेस पार्टी के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर नाराजगी और असंतोष का माहौल पैदा हो गया है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नेता पुत्रों और बाहरी उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने पर खुलकर नाराजगी जताई है। बिहार में कांग्रेस के नौ उम्मीदवारों की सूची में चार नेता पुत्रों को जगह दी गई है, जिससे प्रदेश के कई नेता और कार्यकर्ता आक्रोशित हैं।

नेता पुत्रों को मिली तवज्जो

कांग्रेस ने बिहार में नौ सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं, जिनमें चार नेता पुत्र शामिल हैं। इनमें आकाश प्रसाद सिंह (महराजगंज), सन्नी हजारी (समस्तीपुर), अंशुल अविजित (पटना साहिब) और अजय निषाद (मुजफ्फरपुर) शामिल हैं। इन सभी को टिकट मिलने से पार्टी के अंदरूनी नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ी है।

वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी

बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता निखिल कुमार और विजय शंकर दूबे भी टिकट बंटवारे में अनदेखी को लेकर नाराज हैं। प्रदेश के कई नेताओं ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी नेतृत्व को अपनी नाराजगी और शिकायतें पहुंचाई हैं। बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह के बेटे आकाश प्रसाद सिंह को टिकट मिलने से भी प्रदेश के कई नेताओं में असंतोष है।

टिकट वितरण में अनदेखी का आरोप

प्रदेश के कई नेताओं ने कांग्रेस हाईकमान को यह तर्क दिया कि आकाश 2019 के चुनाव में रालोसपा के उम्मीदवार के तौर पर मोतिहारी सीट से चुनाव हार गए थे। इसके बावजूद आकाश को महराजगंज से उम्मीदवार बनाए जाने पर नाराजगी है। बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता रहे अनुभवी डॉ. अशोक राम ने भी सोनिया गांधी को पत्र लिखकर टिकट बंटवारे में हुई गड़बड़ी पर पुनर्विचार की मांग की है।

बाहरी उम्मीदवारों पर भी असंतोष

बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार झा ने बताया कि 2019 के चुनाव में बाहरी उम्मीदवारों को टिकट देने का प्रयोग सफल नहीं हुआ था। पुर्णिया में भाजपा से आए उदय सिंह पप्पू और मुंगेर में जदयू से आयी नीलम देवी को टिकट दिया गया था, लेकिन दोनों ही हार गए थे। इसके बावजूद इस बार भी बाहरी उम्मीदवारों को टिकट मिलने से कार्यकर्ताओं में निराशा है।

नौ उम्मीदवारों की सूची में बाहरी नेता

बिहार में कांग्रेस के नौ उम्मीदवारों की सूची में केवल तीन नेता ही पार्टी कैडर से आए हैं। कटिहार से तारिक अनवर, भागलपुर से अजीत शर्मा और किशनगंज से डॉ. जावेद को ही पार्टी के भीतर से टिकट मिला है। वहीं, मुजफ्फरपुर से अजय निषाद और सासाराम से मनोज कुमार बसपा से आकर कांग्रेस का टिकट पाने में कामयाब रहे हैं।

नेता पुत्रों को प्राथमिकता

बिहार में कांग्रेस के उम्मीदवारों में चार नेता पुत्र शामिल हैं, जिनमें आकाश प्रसाद सिंह, सन्नी हजारी, अंशुल अविजित और अजय निषाद शामिल हैं। निषाद पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत कैप्टन जयनारायण निषाद के बेटे हैं और चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे।

कार्यकर्ताओं की नाराजगी

बिहार कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि नेताओं के सगे-संबंधियों के राजनीतिक कैरियर की शुरूआत और बाहरी नेताओं के लिए कांग्रेस की चुनावी जीत के फार्मूले की कुर्बानी दी गई है। इसके चलते पार्टी के भीतर असंतोष का माहौल बन गया है।

नतीजा

कांग्रेस पार्टी के भीतर नेता पुत्रों और बाहरी उम्मीदवारों को टिकट मिलने से उपजी नाराजगी और असंतोष बिहार में पार्टी के प्रदर्शन पर प्रभाव डाल सकता है। प्रदेश के नेता और कार्यकर्ता खुले तौर पर अपनी नाराजगी जता रहे हैं, जिससे पार्टी की चुनावी तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस हाईकमान इस असंतोष को कैसे संभालता है और आगामी चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहता है।

बिहार कांग्रेस टिकट विवाद: मुख्य विवरण

उम्मीदवारनिर्वाचन क्षेत्रसंबंधविशेष विवरण
आकाश प्रसाद सिंहमहराजगंजबिहार कांग्रेस अध्यक्ष के पुत्र2019 में मोतिहारी से चुनाव हार चुके
सन्नी हजारीसमस्तीपुरनीतीश सरकार में जदयू नेता माहेश्वर हजारी के पुत्रबिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता रहे अशोक राम ने विरोध जताया
अंशुल अविजितपटना साहिबमीरा कुमार के पुत्रहाल ही में उम्मीदवार के रूप में घोषित
अजय निषादमुजफ्फरपुरदिवंगत कैप्टन जयनारायण निषाद के पुत्र, भाजपा से आएचुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए
मनोज कुमारसासारामबसपा से आएटिकट पाने में कामयाब
तारिक अनवरकटिहारपार्टी कैडर से
अजीत शर्माभागलपुरपार्टी कैडर से
डॉ. जावेदकिशनगंजपार्टी कैडर से

नाराजगी और विरोध

विरोध करने वाले नेताकारण
निखिल कुमार और विजय शंकर दूबेटिकट बंटवारे में अनदेखी
डॉ. अशोक रामसन्नी हजारी को टिकट देने से नाराज
किशोर कुमार झाबाहरी उम्मीदवारों को टिकट देने से असंतोष, 2019 के अनुभव के बावजूद बाहरी उम्मीदवारों को प्राथमिकता

अन्य महत्वपूर्ण विवरण

टिकट वितरण का परिणामविवरण
बाहरी नेताओं की संख्यानौ उम्मीदवारों में से चार नेता पुत्र और दो बाहरी नेता शामिल
पार्टी कैडर के नेतानौ में से केवल तीन नेता पार्टी कैडर से
असंतोष का असरकार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी, पार्टी की चुनावी तैयारियों पर संभावित प्रभाव

यह तालिका बिहार में कांग्रेस पार्टी के टिकट वितरण विवाद और इसके प्रभाव का संक्षेप में विवरण प्रस्तुत करती है।

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