दिल्ली लोकसभा चुनाव: दिल्ली में कांग्रेस-आप के बीच दूरी: कैसे देंगे बीजेपी को टक्कर?

दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर 25 मई को छठे चरण की वोटिंग

दिल्ली लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण में दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर 25 मई को मतदान होना है। जहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जमकर चुनाव प्रचार किया, वहीं इंडिया गठबंधन के लिए आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस पार्टी के बीच प्रचार के दौरान तालमेल और गर्मजोशी की कमी साफ नजर आई। कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता गायब रहे, जिससे चुनावी रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।

स्टार प्रचारकों की अनुपस्थिति

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने दिल्ली चुनाव के लिए 6 मई को 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की थी। इस सूची में राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के नेताओं को जगह दी गई थी। हालांकि, स्टार प्रचारकों में शामिल कई वरिष्ठ नेता प्रचार में दिखाई नहीं दिए।

मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी की अनुपस्थिति

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम सूची में सबसे ऊपर था। उनकी वेस्ट दिल्ली में बुधवार को एक चुनावी जनसभा की तारीख भी तय हुई थी, लेकिन सारी तैयारी के बाद भी वे इस सभा में नहीं पहुंचे। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का भी नाम सूची में था, लेकिन वे किसी प्रचार में शामिल नहीं हो सकीं। उनकी अनुपस्थिति का कारण स्वास्थ्य समस्याएं बताई गईं।

राहुल गांधी का अकेला मोर्चा

सूची में तीसरे नाम राहुल गांधी का था, जिन्होंने दिल्ली का चुनाव प्रचार पूरी तरह से संभाला। उनकी पहली जनसभा चांदनी चौक उम्मीदवार जेपी अग्रवाल के लिए 18 मई को हुई। इसके बाद उन्होंने नॉर्थ ईस्ट लोकसभा उम्मीदवार कन्हैया कुमार के लिए 23 मई को सुबह रैली की और फिर नॉर्थ वेस्ट दिल्ली उम्मीदवार उदित राज के लिए टाउन हॉल कार्यक्रम के तहत महिला न्याय पर चर्चा की।

प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी

प्रियंका गांधी भी स्टार प्रचारकों की सूची में थीं, लेकिन वे किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं। इसके अलावा सूची में कई और नाम भी थे, लेकिन उनमें से केवल सचिन पायलट ने दिल्ली में चुनाव प्रचार किया। उन्होंने कांग्रेस के साथ-साथ आप के लिए भी प्रचार किया, लेकिन अधिकांश अन्य वरिष्ठ नेता दिल्ली से दूर ही रहे।

बीजेपी का जोरदार प्रचार

वहीं, बीजेपी ने दिल्ली में जोरदार प्रचार किया। पार्टी के सभी प्रमुख नेता, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल थे, ने विभिन्न रैलियों और कार्यक्रमों में भाग लिया। बीजेपी का यह व्यापक प्रचार अभियान दिल्ली में उनके चुनावी प्रदर्शन को मजबूत करने में सहायक साबित हो सकता है।

गठबंधन में तालमेल की कमी

आप और कांग्रेस के बीच तालमेल की कमी भी चुनावी प्रचार में साफ दिखी। जहां आप अपने दम पर प्रचार कर रही थी, वहीं कांग्रेस अपने उम्मीदवारों के लिए अकेले ही चुनावी मैदान में उतरी। गठबंधन की यह कमी बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर मुकाबला करने की उनकी रणनीति को कमजोर कर सकती है।

दिल्ली लोकसभा चुनाव 2024: महत्वपूर्ण विवरण

विवरणजानकारी
चुनाव तिथि25 मई 2024
चुनाव चरणछठा चरण
लोकसभा सीटें7 सीटें (दिल्ली)
प्रमुख उम्मीदवार– जेपी अग्रवाल (चांदनी चौक) – कन्हैया कुमार (नॉर्थ ईस्ट) – उदित राज (नॉर्थ वेस्ट)
प्रमुख पार्टियांभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस
स्टार प्रचारक (कांग्रेस)– मल्लिकार्जुन खरगे – सोनिया गांधी- राहुल गांधी – प्रियंका गांधी
कांग्रेस स्टार प्रचारक की स्थितिमल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी अनुपस्थित, राहुल गांधी ने अकेले मोर्चा संभाला
प्रचार में कांग्रेस की गतिविधि– राहुल गांधी ने 18 मई को चांदनी चौक में जनसभा की – 23 मई को कन्हैया कुमार और उदित राज के लिए जनसभा की
बीजेपी का प्रचार– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – गृह मंत्री अमित शाह- पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की रैलियां
गठबंधन का तालमेलआप और कांग्रेस के बीच तालमेल की कमी
आगे का कार्यक्रम4 जून 2024 को मतगणना

महत्वपूर्ण घटनाएँ और तिथियाँ

तारीखघटना
6 मई 2024कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की
18 मई 2024राहुल गांधी ने चांदनी चौक में जनसभा की
23 मई 2024राहुल गांधी ने नॉर्थ ईस्ट और नॉर्थ वेस्ट दिल्ली में जनसभा की
25 मई 2024छठे चरण का मतदान
4 जून 2024मतगणना

निष्कर्ष

लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण में दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर चुनावी प्रचार के दौरान कांग्रेस और आप के बीच तालमेल और गर्मजोशी की कमी ने बीजेपी के खिलाफ उनके संयुक्त मोर्चे को कमजोर किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति और आप के साथ कमतर तालमेल से यह साफ होता है कि विपक्षी दलों को बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर चुनावी रण में उतरने की जरूरत है। अब देखना यह है कि 25 मई को होने वाले मतदान के बाद 4 जून को मतगणना के परिणाम क्या संकेत देते हैं और दिल्ली की जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।

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