लोकसभा चुनाव 2024: एमपी की इन सीटों से पहली बार संसद पहुंचेंगे नए चेहरे, जानें कौन सी हैं ये सीटें

लोकसभा चुनाव के नतीजों का इंतजार

लोकसभा चुनाव 2024 के मतदान समाप्त हो चुके हैं और अब सभी की निगाहें 4 जून को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। इस बार मध्य प्रदेश की कुछ लोकसभा सीटें और प्रत्याशी विशेष ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इनमें से कुछ सीटें ऐसी हैं, जहां से चाहे कोई भी जीते या हारे, क्षेत्र का सांसद कोई नया चेहरा ही बनेगा।

नए चेहरों पर दांव

मध्य प्रदेश में इस लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने नए चेहरों पर भरोसा जताया है। कांग्रेस ने 17 नए उम्मीदवारों को और भाजपा ने 11 सीटों पर नए उम्मीदवारों को मौका दिया है। इन नए चेहरों में से 4 जून के बाद 9 नए सांसद बनने की संभावना है।

राजनीतिक विश्लेषक की राय

राजनीतिक विश्लेषक अक्षत शर्मा का कहना है कि इस बार सबसे ज्यादा ध्यान गुना, राजगढ़, विदिशा और भिंड लोकसभा सीटों पर है। यहां दो राज्यसभा सांसद सियासी मैदान में हैं। इसके अलावा, भोपाल, होशंगाबाद, जबलपुर, सीधी, बालाघाट, सागर, दमोह, ग्वालियर और मुरैना सीटों पर भी नए प्रत्याशी मैदान में हैं।

भोपाल और होशंगाबाद में नए चेहरे

भोपाल सीट से भाजपा ने आलोक शर्मा और कांग्रेस के अरुण श्रीवास्तव को पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। होशंगाबाद सीट से भाजपा ने दर्शन सिंह चौधरी और कांग्रेस ने संजय शर्मा को उम्मीदवार बनाया है।

जबलपुर और सीधी सीट पर मुकाबला

जबलपुर से भाजपा ने आशीष दुबे और कांग्रेस ने दिनेश यादव को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, सीधी सीट पर भाजपा ने राजेश मिश्रा को और कांग्रेस ने कमलेश्वर पटेल को मैदान में उतारा है।

बालाघाट और सागर सीट पर नई उम्मीद

बालाघाट से भारती पारधी और कांग्रेस के सम्राट सरस्वार के बीच चुनावी लड़ाई है। सागर सीट पर भाजपा की लता वानखेड़े भी पहली बार मैदान में हैं।

दमोह में नए उम्मीदवार

दमोह सीट पर दोनों कैंडिडेट तरवर सिंह लोधी (कांग्रेस) और राहुल लोधी (भाजपा) विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन लोकसभा के लिए नया चेहरा होंगे।

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कड़ा मुकाबला

भाजपा और कांग्रेस के प्रवक्ताओं का कहना है कि ग्वालियर-चंबल की दो सीटों पर भी रोचक मुकाबला है। मुरैना और ग्वालियर सीट से जो भी जीतेगा, वह पहली बार सांसद बनेगा। ग्वालियर सीट पर भाजपा के पूर्व मंत्री भारत सिंह कुशवाहा और कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रवीण पाठक आमने-सामने हैं। वहीं, मुरैना में कांग्रेस के सत्यपाल सिंह सिकरवार और भाजपा के पूर्व विधायक शिवमंगल सिंह के बीच मुकाबला है।

नए सांसदों से उम्मीदें

मध्य प्रदेश की इन 9 सीटों से कौन संसद पहुंचेगा और इस लोकसभा क्षेत्र के विकास की बागडोर किसके हाथ में होगी, यह 4 जून को तय होगा। नए चेहरों से जनता को काफी उम्मीदें हैं और वे देखना चाहते हैं कि ये नए नेता किस प्रकार से उनके क्षेत्र का विकास करेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश में इस बार लोकसभा चुनावों में कई नए चेहरों को मौका दिया गया है। जनता की नजरें इन नए प्रत्याशियों पर टिकी हैं और वे उत्सुक हैं कि कौन उनके क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेगा। अब देखना होगा कि 4 जून को आने वाले नतीजों में किस पार्टी के उम्मीदवार को जीत मिलती है और कौन संसद में पहुंचता है।

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